History of 2nd April (2 अप्रैल का इतिहास)

Wed 02-Apr-2025,08:42 PM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

History of 2nd April (2 अप्रैल का इतिहास)
  • 1917 – अमेरिकी राष्ट्रपति वुडरो विल्सन ने अमेरिकी कांग्रेस से जर्मनी के खिलाफ युद्ध की घोषणा करने को कहा।

  • 1997 – सुमिता सिन्हा ने अपने ऊपर से 3,200 किलोग्राम भार के ट्रक को पार करने की अनुमति देकर रिकॉर्ड बनाया।

  • 1862 – अमेरिकी दार्शनिक, राजनयिक, शिक्षक और नोबेल पुरस्कार विजेता निकोलस मुरे बटलर का जन्म।

  • 1935 – भारतीय वैज्ञानिक और आविष्कारक अल्ला वेंकट राम राव का जन्म।

  • 1928 – अमेरिकी वैज्ञानिक और नोबेल पुरस्कार विजेता थियोडोर विलियम रिचर्ड्स का निधन।

Madhya Pradesh / Jabalpur :

आज (2 April) की महत्वपूर्ण घटनाएँ –
1755 – सुवर्णदुर्ग के किले पर कमोडोर विलियम जेम्स ने कब्ज़ा कर लिया।
1849 – आज ही के दिन ब्रिटिश पंजाब की स्थापना हुई।
1912 – आरएमएस टाइटैनिक का समुद्री परीक्षण शुरू हुआ।
1917 – अमेरिकी राष्ट्रपति वुडरो विल्सन ने अमेरिकी कांग्रेस से जर्मनी के खिलाफ युद्ध की घोषणा करने को कहा।
1921 – प्रसिद्ध वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन ने न्यूयॉर्क शहर में अपने नए सापेक्षता के सिद्धांत विषय पर व्याख्यान दिया।
1942 – कांग्रेस ने क्रिप्स मिशन के प्रस्ताव को खारिज किया।
1945 – सोवियत संघ और ब्राजील के बीच राजनयिक संबंध बहाल हुए।
1970 – मेघालय भारत के असम राज्य के अंतर्गत एक स्वायत्त राज्य बना।
1984 – राकेश शर्मा, मिशन सोयूज टी-11 के तहत अंतरिक्ष जाने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री बने।
1997 – सुमिता सिन्हा ने अपने ऊपर से 3,200 किलोग्राम भार के ट्रक को पार करने की अनुमति देकर रिकॉर्ड बनाया।
1999 – मास्को में स्वतंत्र राष्ट्रों के राष्ट्रकुल (CIS) की शिखर बैठक संपन्न हुई।
2007 – सोलोमन द्वीप में शक्तिशाली सुनामी आई।
2011 – भारत ने श्रीलंका को हराकर दूसरी बार क्रिकेट वर्ल्ड कप जीता।
2017 –
* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर में देश की सबसे लंबी चेनानी-नाशरी सड़क सुरंग राष्ट्र को समर्पित किया।
* अमेरिकी गायक और गीतकार बॉब डिलन ने साहित्य के लिए प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कार स्वीकार किया।

आज (2 April) के दिन जन्मे प्रसिद्ध व्यक्ति –
1647 – जर्मन कीटविज्ञानी, प्रकृतिवादी और वैज्ञानिक चित्रकार मारिया सिबला मेरियन का जन्म।
1788 – फिलिपिनो कवि और तागालोग भाषा के साहित्यकार फ़्रांसिस्को बालागटास का जन्म।
1805 – डेनमार्क के लेखक हैंस क्रिश्चियन एंडरसन का जन्म।
1862 – अमेरिकी दार्शनिक, राजनयिक, शिक्षक और नोबेल पुरस्कार विजेता निकोलस मुरे बटलर का जन्म।
1881 – भारतीय क्रांतिकारी और लेखक वराहनेरी वेंकटेश सुब्रमण्यम अय्यर (V.V.S. अय्यर) का जन्म।
1891 – गोवा के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी टी. बी. कुन्हा का जन्म।
1898 – भारतीय अंग्रेजी कवि, नाटककार, अभिनेता और संगीतकार हरिंद्रनाथ चट्टोपाध्याय का जन्म।
1902 – भारतीय हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक बड़े ग़ुलाम अली खान का जन्म।
1907 – भारतीय फिल्म निर्देशक, पटकथा लेखक और अभिनेता गजानन जागीरदार का जन्म।
1935 – भारतीय वैज्ञानिक और आविष्कारक अल्ला वेंकट राम राव का जन्म।
1942 – भारतीय अभिनेता रोशन सेठ का जन्म।
1943 – सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक बिंदेश्वर पाठक का जन्म।
1969 – भारतीय फिल्म अभिनेता अजय देवगन का जन्म।
1982 – टेनिस खिलाड़ी डेविड फैरर का जन्म।

आज (2 April) के दिन हुए प्रसिद्ध व्यक्तियों के निधन –
1825 – बर्मी (बर्मा) सेनापति बन्धुल का निधन।
1914 – जर्मन लेखक, अनुवादक और नोबेल पुरस्कार विजेता पॉल हेसे का निधन।
1928 – अमेरिकी वैज्ञानिक और नोबेल पुरस्कार विजेता थियोडोर विलियम रिचर्ड्स का निधन।
1933 – क्रिकेटर प्रिंस रणजीत सिंह जी का गुजरात के जामनगर में निधन।
1953 – भारतीय स्वतंत्रता सेनानी और वकील आसफ अली का निधन।
1976 – अल्जीरियाई लेखक और गायक ताओस अमरोचे का निधन।
2002 – फिलिपिनो संगीतकार और गीतकार लेवी सेलेरियो का निधन।

इतिहास में आज (2 April) के महत्वपूर्ण दिन –
अंतर्राष्ट्रीय बाल पुस्तक दिवस: यह अंतर्राष्ट्रीय बोर्ड ऑन बुक्स फॉर यंग पीपल (IBBY) द्वारा आयोजित एक वार्षिक कार्यक्रम है, जो एक अंतरराष्ट्रीय गैर-लाभकारी संगठन है। इसकी स्थापना 1967 में हुई थी। यह दिन हंस क्रिश्चियन एंडरसन के जन्मदिन पर मनाया जाता है। इस दिन आयोजित गतिविधियों में लेखन प्रतियोगिताएँ, पुस्तक पुरस्कारों की घोषणाएँ और बच्चों के साहित्य के लेखकों के साथ कार्यक्रम शामिल होते हैं।

विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस: यह एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त दिवस है, जिसका उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों को ऑटिज्म और एस्परगर सिंड्रोम सहित ऑटिस्टिक स्पेक्ट्रम विकारों से पीड़ित लोगों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए कदम उठाने के लिए प्रोत्साहित करना है।