Naadaniyan Film Criticism: Karan Johar Statement 'किसी को लात मारने की भाषा हिंसा है'

Wed 19-Mar-2025,03:15 PM IST +05:30

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Naadaniyan Film Criticism: Karan Johar Statement 'किसी को लात मारने की भाषा हिंसा है' Naadaniyan Film Criticism: Karan Johar Statement
  • नेटफ्लिक्स पर 7 मार्च को रिलीज़ हुई फिल्म "नादानियां" को स्टार किड्स खुशी कपूर और इब्राहिम अली खान की परफॉर्मेंस और कमजोर कहानी के कारण सोशल मीडिया पर भारी आलोचना झेलनी पड़ी।

  • करण जौहर ने फिल्म की आलोचना में इस्तेमाल की गई आक्रामक भाषा की निंदा करते हुए कहा कि ट्रोलिंग और कठोर टिप्पणियां नए कलाकारों के लिए मानसिक रूप से कष्टदायक हो सकती हैं।

Maharashtra / Mumbai :

Mumbai/नेटफ्लिक्स पर 7 मार्च को रिलीज़ हुई फिल्म "नादानियां" लगातार चर्चा में बनी हुई है, लेकिन ज्यादातर गलत कारणों से। इस फिल्म में बोनी कपूर और श्रीदेवी की बेटी खुशी कपूर और सैफ अली खान व अमृता सिंह के बेटे इब्राहिम अली खान ने अभिनय किया है। हालांकि, इन दोनों स्टार किड्स की परफॉर्मेंस को लेकर फिल्म को काफी आलोचना झेलनी पड़ी। सोशल मीडिया पर फिल्म को बुरी तरह ट्रोल किया गया, और दर्शकों ने न सिर्फ इनके अभिनय बल्कि फिल्म की कमजोर कहानी और निर्देशन की भी आलोचना की।

अब, फिल्म के निर्माता करण जौहर ने इस आलोचना पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। हाल ही में एक पंजाबी फिल्म के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में करण जौहर ने फिल्म की आलोचना करने के लिए इस्तेमाल की गई भाषा की निंदा की।

उन्होंने कहा, "एक आलोचक ने लिखा कि 'मैं इस फिल्म को लात मारना चाहता हूं'। मुझे ऐसे लोगों से बड़ी समस्या है। मुझे इंडस्ट्री, ट्रोल्स, या सोशल कमेंट्री से कोई दिक्कत नहीं है। मैं आलोचनाओं को स्वीकार करता हूं। लेकिन जब आप अपनी समीक्षा में इस तरह की भाषा लिखते हैं, तो यह फिल्म का नहीं, बल्कि आपके खुद के व्यक्तित्व का प्रतिबिंब होता है।"

करण जौहर ने आगे कहा कि लोग यह नहीं सोचते कि जिन पर वे निशाना साध रहे हैं, वे भी किसी के बेटे और बेटी हैं। उन्होंने कहा, "इन तथाकथित बुद्धिजीवी सिनेमा प्रेमियों को थोड़ा संवेदनशील होना चाहिए। कोई भी यह नहीं चाहता कि उसे लात मारी जाए। लात मारना हिंसा है, और हिंसा किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए। अगर असल दुनिया में हिंसा की अनुमति नहीं है, तो शब्दों के माध्यम से की गई हिंसा भी उतनी ही निंदनीय होनी चाहिए।"

इससे पहले, हंसल मेहता, विक्रम भट्ट और सोनू सूद ने भी स्टार किड्स के समर्थन में बयान दिए थे।

हंसल मेहता ने कहा, "फिल्म के खिलाफ की जा रही टिप्पणियां गलत तरीके से की जा रही हैं। यह युवा कलाकारों के लिए बेहद दुखदायी और मानसिक रूप से कष्टदायक हो सकता है।"

विक्रम भट्ट ने इब्राहिम के अभिनय का बचाव करते हुए कहा, "इब्राहिम का अभिनय उनके पिता सैफ अली खान की पहली फिल्म से बेहतर था। लोग सिर्फ भाई-भतीजावाद (नेपोटिज्म) की बहस में इस तरह की कठोर आलोचना कर रहे हैं, लेकिन यह नए कलाकारों के लिए अनुचित है। कौन अपनी पहली फिल्म में परफेक्ट होता है? इब्राहिम के पास स्क्रीन प्रेजेंस है और उनमें अभिनय की समझ भी दिखती है। इसलिए मुझे यह पूरा मामला गलत लग रहा है।"

फिलहाल, "नादानियां" की चर्चा लगातार बनी हुई है, और यह देखना दिलचस्प होगा कि करण जौहर और अन्य फिल्ममेकर्स आगे इस बहस पर क्या कदम उठाते हैं।