World Athletics' Big Decision: DNA Testing Now Mandatory for Women's Competitions

Wed 26-Mar-2025,09:47 PM IST +05:30

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World Athletics' Big Decision: DNA Testing Now Mandatory for Women's Competitions
  • नानजिंग, चीन में हुई दो दिवसीय बैठक के बाद को ने कहा, "यह महत्वपूर्ण है क्योंकि यह महिलाओं के खेल की अखंडता की रक्षा करता है और यह सुनिश्चित करता है कि प्रतियोगिता निष्पक्ष रहे।"

  • यह टेस्ट नॉन-इनवेसिव होगा, जिसमें गाल से लिए गए स्वैब और सूखी रक्त की जांच (Dry Blood Spot Test) शामिल होंगे।

  • वर्ल्ड एक्वाटिक्स और अमेरिकी कॉलेज स्पोर्ट्स के मुख्य शासी निकाय NCAA ने भी इसी तरह के प्रतिबंध लागू किए हैं।

Beijing / Beijing :

वर्ल्ड एथलेटिक्स ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए ट्रैक एंड फील्ड को पहला ओलंपिक खेल बना दिया है जिसमें महिलाओं की प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रतिभागियों को अपने जैविक लिंग (Biological Sex) को साबित करने के लिए डीएनए टेस्ट कराना होगा। इस फैसले की घोषणा वर्ल्ड एथलेटिक्स के अध्यक्ष सेबेस्टियन को ने की, जिन्होंने कहा कि यह निर्णय "प्रतियोगिता की निष्पक्षता बनाए रखने" के लिए लिया गया है।

नानजिंग, चीन में हुई दो दिवसीय बैठक के बाद को ने कहा, "यह महत्वपूर्ण है क्योंकि यह महिलाओं के खेल की अखंडता की रक्षा करता है और यह सुनिश्चित करता है कि प्रतियोगिता निष्पक्ष रहे।"

डीएनए टेस्ट का नया नियम

एथलीट्स को केवल एक बार अपने करियर में डीएनए परीक्षण कराना होगा।

यह टेस्ट नॉन-इनवेसिव होगा, जिसमें गाल से लिए गए स्वैब और सूखी रक्त की जांच (Dry Blood Spot Test) शामिल होंगे।

यह नियम मुख्य रूप से ट्रांसजेंडर महिलाओं और उन खिलाड़ियों पर लागू होगा जिनमें असामान्य सेक्स क्रोमोसोम पाए जाते हैं।

ट्रांसजेंडर एथलीट्स के लिए सख्त नियम

वर्ल्ड एथलेटिक्स ने 2023 में उन ट्रांसजेंडर महिलाओं पर प्रतिबंध लगा दिया था जिन्होंने पुरुष यौवन (Male Puberty) के बाद अपना लिंग बदला। इससे पहले, ट्रांसजेंडर महिलाओं को प्रतियोगिता में हिस्सा लेने की अनुमति थी, यदि वे लगातार 12 महीनों तक अपने रक्त टेस्टोस्टेरोन स्तर को 5nmol/L से कम बनाए रखती थीं।

अन्य खेल संगठनों की प्रतिक्रिया

वर्ल्ड एक्वाटिक्स और अमेरिकी कॉलेज स्पोर्ट्स के मुख्य शासी निकाय NCAA ने भी इसी तरह के प्रतिबंध लागू किए हैं।

अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) ने 2004 से ट्रांसजेंडर एथलीट्स को प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति दी है, लेकिन हर खेल संगठन को अपने नियम तय करने का अधिकार दिया है।

राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव

यह मुद्दा खेल के साथ-साथ वैश्विक संस्कृति युद्धों का हिस्सा बन गया है।

हाल ही में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसमें ऐसे शिक्षण संस्थानों की फंडिंग रोकने का प्रावधान है जो ट्रांसजेंडर लड़कियों और महिलाओं को महिला खेलों में भाग लेने की अनुमति देते हैं।

जनता की राय: जनवरी में न्यूयॉर्क टाइम्स/इप्सोस पोल में, 79% अमेरिकियों ने कहा कि ट्रांस महिलाओं को महिला खेलों में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, जो 2021 में 62% थी।

वर्ल्ड एथलेटिक्स का यह निर्णय खेलों में निष्पक्षता बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, लेकिन यह विवाद का भी विषय बन सकता है क्योंकि ट्रांसजेंडर अधिकारों को लेकर वैश्विक बहस तेज होती जा रही है।