भारत में मोटापा और डायबिटीज: माउंजारो दवा बनी नया समाधान
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एली लिली एंड कंपनी ने इस वेट लॉस इंजेक्शन को पेश किया है, जो पहले से ही अमेरिका, यूके और यूरोप में लोकप्रिय है।
माउंजारो दवा को भारत के सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) से मार्केटिंग की अनुमति मिल गई है।
क्लीनिकल ट्रायल में, डाइट और एक्सरसाइज के साथ माउंजारो दवा की उच्च खुराक लेने पर 21.8 किलो और निम्न खुराक पर 15.4 किलो वजन घटाया गया।
माउंजारो न केवल टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों के लिए कारगर है, बल्कि यह मोटापे से जूझ रहे लोगों के लिए भी प्रभावी है।
माउंजारो की 5mg, 10mg और 15mg की खुराक का परीक्षण किया गया। इसे अकेले या अन्य डायबिटीज दवाओं जैसे मेटफॉर्मिन, SGLT-2 इनहिबिटर्स, सल्फोनीलुरिया और इंसुलिन ग्लार्गिन के साथ दिया गया।
भारत में डायबिटीज तेजी से बढ़ रही है, जहां 101 मिलियन लोग इस बीमारी से ग्रस्त हैं। इनमें से आधे से अधिक एडल्ट्स को ग्लाइसेमिक कंट्रोल से पर्याप्त राहत नहीं मिल रही है। मोटापा भी डायबिटीज के लिए एक बड़ा जोखिम है, जिससे 200 से अधिक स्वास्थ्य समस्याएं जुड़ी हुई हैं, जैसे हार्ट डिजीज, हाई ब्लड प्रेशर और ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया। अनुमान के मुताबिक, भारत में 100 मिलियन लोग मोटापे से जूझ रहे हैं।
इस डबल खतरे को कम करने के लिए माउंजारो दवा को भारत में लॉन्च किया गया है। एली लिली एंड कंपनी ने इस वेट लॉस इंजेक्शन को पेश किया है, जो पहले से ही अमेरिका, यूके और यूरोप में लोकप्रिय है। माउंजारो दवा को भारत के सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) से मार्केटिंग की अनुमति मिल गई है।
माउंजारो के क्लीनिकल ट्रायल और असर
क्लीनिकल ट्रायल में, डाइट और एक्सरसाइज के साथ माउंजारो दवा की उच्च खुराक लेने पर 21.8 किलो और निम्न खुराक पर 15.4 किलो वजन घटाया गया। ट्रायल के दौरान, 3 में से 1 मरीज ने 26.3 किलो तक वजन कम किया, जबकि प्लेसेबो लेने वाले केवल 1.5% मरीजों ने इतना वजन घटाया।
माउंजारो कैसे काम करती है?
माउंजारो दवा GIP (ग्लूकोज डिपेंडेंट इंसुलिनट्रोपिक पॉलीपेप्टाइड) और GLP-1 (ग्लूकागन जैसे पेप्टाइड-1) हार्मोन रिसेप्टर को एक्टिवेट करती है। ये दोनों हार्मोन दिमाग में भूख को नियंत्रित करने का काम करते हैं, जिससे फूड इनटेक, बॉडीवेट और फैट मास कम होता है।
माउंजारो न केवल टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों के लिए कारगर है, बल्कि यह मोटापे से जूझ रहे लोगों के लिए भी प्रभावी है। यह दवा लिपिड यूटिलाइजेशन को नियंत्रित कर शरीर की चर्बी कम करने में मदद करती है।
ग्लोबल स्टडी और नतीजे
माउंजारो का प्रभाव दो मुख्य ग्लोबल स्टडी प्रोग्राम में जांचा गया:
SURMOUNT-1 – क्रॉनिक वेट मैनेजमेंट के लिए
SURPASS ट्रायल – टाइप 2 डायबिटीज के लिए
SURPASS प्रोग्राम के तीसरे चरण में, माउंजारो की 5mg, 10mg और 15mg की खुराक का परीक्षण किया गया। इसे अकेले या अन्य डायबिटीज दवाओं जैसे मेटफॉर्मिन, SGLT-2 इनहिबिटर्स, सल्फोनीलुरिया और इंसुलिन ग्लार्गिन के साथ दिया गया। परिणामों से पता चला कि माउंजारो, A1C लेवल को 2.4% तक कम कर सकता है।
भारत में डायबिटीज और मोटापे के लिए नई उम्मीद
भारत में लाखों लोग डायबिटीज और मोटापे से जूझ रहे हैं। ऐसे में, माउंजारो एक नई आशा लेकर आया है। यह दवा न केवल वजन घटाने में मदद करती है, बल्कि टाइप 2 डायबिटीज के ग्लाइसेमिक कंट्रोल में भी सहायक है। कंपनी के अनुसार, यह दवा भविष्य में मोटापा और डायबिटीज की रोकथाम में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है।