पर्यावरण संरक्षण के लिए 'इको क्लब ऑफ मिशन लाइफ' का गठन
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उत्तर प्रदेश सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए गंभीर कदम उठा रही है और राज्य के परिषदीय विद्यालयों में 'इको क्लब' स्थापित किए जाएंगे।
प्रत्येक विद्यालय में एक 'इको क्लब' होगा, जिसकी गतिविधियाँ एक शिक्षक द्वारा संचालित की जाएंगी।
Uttar Pradesh/उत्तर प्रदेश सरकार पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी गंभीर कदम उठा रही है। राज्य के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में छात्रों को पर्यावरण संरक्षण का महत्व सिखाने के लिए 'इको क्लब ऑफ मिशन लाइफ' की स्थापना की जाएगी।
इस अभियान के तहत छात्रों को ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के खतरों के बारे में जागरूक किया जाएगा। क्लब के माध्यम से पौधरोपण, प्रदूषण नियंत्रण, ऊर्जा संरक्षण और स्वच्छता जैसे विषयों पर नियमित गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी।
पर्यावरण संरक्षण अभियान की मुख्य बातें
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प्रत्येक विद्यालय में 'इको क्लब' का गठन
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हर कक्षा में एक क्लब बनेगा, जिसमें छात्र-छात्राओं को शामिल किया जाएगा।
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क्लब की गतिविधियों का संचालन एक शिक्षक प्रभारी के नेतृत्व में होगा।
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पर्यावरण जागरूकता अभियान
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सप्ताह में कम से कम एक दिन (शनिवार) इको क्लब की गतिविधियों के लिए निर्धारित किया जाएगा।
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छात्रों को ग्लोबल वार्मिंग, जल संकट और प्रदूषण के दुष्प्रभावों के बारे में बताया जाएगा।
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पौधरोपण और हरियाली बढ़ाने के प्रयास
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विद्यालयों और आसपास के क्षेत्रों में वृक्षारोपण किया जाएगा।
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छात्रों और उनके परिवारों को एक पौधे को गोद लेने और उसकी देखभाल करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
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स्थानीय प्रशासन की भागीदारी
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ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम प्रधान और शहरी क्षेत्रों में पार्षद इस अभियान में सहयोग करेंगे।
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स्कूल प्रबंधन समिति के सहयोग से समय-समय पर प्रतियोगिताएँ और अन्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
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स्वयंसेवी संस्थाओं की भागीदारी
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विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ मिलकर पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जाएगा।
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प्रतियोगिताओं और इनाम योजनाओं के माध्यम से छात्रों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
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ऑनलाइन मॉनिटरिंग
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सभी स्कूलों को प्रेरणा पोर्टल पर 'इको क्लब' के गठन और उसकी गतिविधियों की जानकारी अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।
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इस पहल की प्रभावी निगरानी के लिए समय-समय पर सरकारी अधिकारी भी स्कूलों का दौरा करेंगे।
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