चाईबासा में नक्सली हमला: आईईडी विस्फोट में दो जवान घायल
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सारंडा जंगल नक्सली गतिविधियों का गढ़ बना हुआ है, जहां नक्सली कमांडर अपने दस्तों के साथ सक्रिय हैं। वे सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए जंगल में आईईडी बिछाते हैं।
शनिवार को हुए विस्फोट में सीआरपीएफ की 193 बटालियन के सब-इंस्पेक्टर सुनील कुमार मंडल और जवान पार्थ प्रतिम डे घायल हुए।
नक्सलियों के खिलाफ एक विशेष अभियान 4 मार्च से छोटानागरा और जराईकेला थाना के सीमावर्ती जंगली पहाड़ी क्षेत्रों में चलाया जा रहा है।
चाईबासा/ झारखंड के चाईबासा जिले के छोटानागरा थाना क्षेत्र में शनिवार को नक्सलियों के खिलाफ सर्च अभियान के दौरान आईईडी विस्फोट हुआ, जिसमें सीआरपीएफ के दो जवान घायल हो गए। इनमें से एक की स्थिति गंभीर बताई जा रही है, जिसे बेहतर इलाज के लिए हेलीकॉप्टर से रांची भेजा गया है।
नक्सलियों के हमले में बढ़ोतरी
सारंडा जंगल नक्सली गतिविधियों का गढ़ बना हुआ है, जहां नक्सली कमांडर अपने दस्तों के साथ सक्रिय हैं। वे सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए जंगल में आईईडी बिछाते हैं। जैसे ही सुरक्षाबल इन इलाकों में गश्त करते हैं, आईईडी विस्फोट हो जाता है, जिससे जवानों को भारी नुकसान होता है। पिछले कुछ वर्षों में इस तरह के हमलों में कई जवान अपनी जान गंवा चुके हैं।
शनिवार को हुए विस्फोट में सीआरपीएफ की 193 बटालियन के सब-इंस्पेक्टर सुनील कुमार मंडल और जवान पार्थ प्रतिम डे घायल हुए। पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर के अनुसार, यह हमला प्रतिबंधित माओवादी संगठन के शीर्ष नेताओं मिसिर बेसरा और अनमोल के इशारे पर किया गया था।
नक्सल विरोधी अभियान जारी
पुलिस और सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। झारखंड पुलिस, कोबरा, झारखंड जगुआर और सीआरपीएफ की टीमें संयुक्त रूप से ऑपरेशन चला रही हैं। नक्सलियों के खिलाफ एक विशेष अभियान 4 मार्च से छोटानागरा और जराईकेला थाना के सीमावर्ती जंगली पहाड़ी क्षेत्रों में चलाया जा रहा है।
शनिवार दोपहर करीब 2:30 से 2:45 बजे के बीच सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए पहले से बिछाए गए आईईडी में विस्फोट किया गया। इस हमले में घायल जवानों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रांची भेजा गया है। अधिकारियों के अनुसार, दोनों की हालत स्थिर है।
नक्सलियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की योजना
सरकार और सुरक्षा एजेंसियां इस हमले को लेकर सतर्क हो गई हैं। पुलिस और सुरक्षाबल लगातार इस क्षेत्र में अभियान चला रहे हैं। इस दौरान कई आईईडी बरामद किए गए हैं और नक्सलियों के डंप को नष्ट किया गया है।
झारखंड के इस क्षेत्र में नक्सलियों का प्रभाव लंबे समय से बना हुआ है, लेकिन सरकार इनकी गतिविधियों को खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सुरक्षाबलों द्वारा लगातार ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं, जिससे नक्सलियों के ठिकानों को ध्वस्त किया जा सके और इलाके में शांति बहाल हो सके।