ऑस्कर विजेता फिल्म 'नो अदर लैंड' के सह-निर्देशक हमदान बल्लाल पर हमला
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

डाइनामाइट न्यूज़ के अनुसार, कार्यकर्ताओं का कहना है कि इजराइली नागरिकों ने बल्लाल पर हमला किया, जिससे उनके सिर से खून बहने लगा।
'सेंटर फॉर ज्यूइश नॉन वायलेंस' के मुताबिक, वेस्ट बैंक में यहूदी बसने वालों ने मासाफर यट्टा क्षेत्र में हमला कर संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।
हमदान बल्लाल की डॉक्यूमेंट्री 'नो अदर लैंड' ने इस साल ऑस्कर में सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री का खिताब जीता था। यह फिल्म मासाफर यट्टा के निवासियों के संघर्ष को दिखाती है, जो इजराइली सेना से अपने गांवों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
Israel/ ऑस्कर विजेता डॉक्यूमेंट्री 'नो अदर लैंड' के फलस्तीनी सह-निर्देशक हमदान बल्लाल पर सोमवार को वेस्ट बैंक में यहूदी बसने वालों ने हमला किया, जिसके बाद इजराइली सेना ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। यह घटना उस समय हुई जब बल्लाल मासाफर यट्टा क्षेत्र के सुसिया गांव में थे। हमले में उन्हें गंभीर चोटें आईं।
डाइनामाइट न्यूज़ के अनुसार, कार्यकर्ताओं का कहना है कि इजराइली नागरिकों ने बल्लाल पर हमला किया, जिससे उनके सिर से खून बहने लगा। जब उन्हें एंबुलेंस में प्राथमिक उपचार दिया जा रहा था, तभी इजराइली सैनिकों ने उन्हें हिरासत में ले लिया। उनके साथ एक अन्य फिलिस्तीनी व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया। फिलहाल, दोनों के ठिकाने की कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।
'सेंटर फॉर ज्यूइश नॉन वायलेंस' के मुताबिक, वेस्ट बैंक में यहूदी बसने वालों ने मासाफर यट्टा क्षेत्र में हमला कर संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस घटना से इलाके में तनाव और बढ़ गया है।
हमदान बल्लाल की डॉक्यूमेंट्री 'नो अदर लैंड' ने इस साल ऑस्कर में सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री का खिताब जीता था। यह फिल्म मासाफर यट्टा के निवासियों के संघर्ष को दिखाती है, जो इजराइली सेना से अपने गांवों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
फिल्म के सह-निर्देशक बल्लाल के अलावा बेसल अद्रा, इजराइली निर्देशक युवाल अब्राहम और राहेल सोर हैं। बल्लाल और अद्रा दोनों ही मासाफर यट्टा के निवासी हैं, और उनकी डॉक्यूमेंट्री ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान खींचा है। यह फिल्म इजराइली कब्जे में रह रहे फिलिस्तीनी नागरिकों के संघर्ष को उजागर करती है।
इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित किया है, और कई मानवाधिकार संगठनों ने बल्लाल की गिरफ्तारी की निंदा की है।