वक्फ संशोधन बिल पर नीतीश कुमार को झटका: मुस्लिम नेताओं का जेडीयू से मोहभंग, इस्तीफों की झड़ी

Fri 04-Apr-2025,07:14 PM IST +05:30

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वक्फ संशोधन बिल पर नीतीश कुमार को झटका: मुस्लिम नेताओं का जेडीयू से मोहभंग, इस्तीफों की झड़ी
  • वक्फ संशोधन बिल, 2025, संसद में पास हो चुका है। लोकसभा में 288 सांसदों ने इसके पक्ष में और 232 ने विरोध में मतदान किया था। इसके बाद राज्यसभा में भी यह बिल 128-95 के मतों से पारित हुआ।

  • हाल ही में पांच प्रमुख मुस्लिम नेता—नदीम अख्तर, रज़ू नैयर, मोहम्मद तबरेज़ सिद्दीकी अलीग, मोहम्मद शहनवाज़ मलिक और मोहम्मद कासिम अंसारी—ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। 

  • जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने बिल का बचाव करते हुए कहा कि यह वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और हाशिए पर खड़े मुस्लिम समुदायों को प्रतिनिधित्व देने के लिए लाया गया है।

  • वक्फ संशोधन बिल पर जेडीयू का समर्थन बिहार की राजनीति में एक बड़ा मोड़ साबित हो रहा है। जहां एक ओर पार्टी नेतृत्व इसे सुधारात्मक कदम बता रहा है, वहीं दूसरी ओर मुस्लिम नेताओं और कार्यकर्ताओं का विरोध पार्टी के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।

Bihar / Patna :

बिहार की राजनीति में बड़ा उथल-पुथल देखने को मिल रहा है। वक्फ संशोधन बिल के समर्थन के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) [जेडीयू] को मुस्लिम नेताओं और कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। इस मुद्दे पर पार्टी के कई वरिष्ठ मुस्लिम नेताओं ने इस्तीफा दे दिया है, जिससे जेडीयू में संकट गहराता जा रहा है।

वक्फ संशोधन बिल का विवाद

वक्फ संशोधन बिल, 2025, संसद में पास हो चुका है। लोकसभा में 288 सांसदों ने इसके पक्ष में और 232 ने विरोध में मतदान किया था। इसके बाद राज्यसभा में भी यह बिल 128-95 के मतों से पारित हुआ। इस बिल का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता लाना बताया जा रहा है, लेकिन मुस्लिम संगठनों और नेताओं ने इसे "संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ" और "मुस्लिम समुदाय का अपमान" करार दिया है126

जेडीयू नेताओं का विरोध और इस्तीफे

नीतीश कुमार की पार्टी द्वारा बिल का समर्थन किए जाने पर जेडीयू के कई मुस्लिम नेताओं ने नाराजगी जाहिर की है। हाल ही में पांच प्रमुख मुस्लिम नेता—नदीम अख्तर, रज़ू नैयर, मोहम्मद तबरेज़ सिद्दीकी अलीग, मोहम्मद शहनवाज़ मलिक और मोहम्मद कासिम अंसारी—ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इन नेताओं ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार ने बीजेपी का समर्थन करके "धर्मनिरपेक्षता के मूल्यों" को तोड़ा है456

मोहम्मद कासिम अंसारी ने अपने इस्तीफे में लिखा, "हमने नीतीश कुमार को धर्मनिरपेक्षता का प्रतीक माना था, लेकिन अब विश्वास टूट गया है। यह बिल भारतीय मुसलमानों के खिलाफ है और इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता"45

पार्टी नेतृत्व की प्रतिक्रिया

जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने बिल का बचाव करते हुए कहा कि यह वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और हाशिए पर खड़े मुस्लिम समुदायों को प्रतिनिधित्व देने के लिए लाया गया है। उन्होंने दावा किया कि इससे गरीब मुसलमानों को फायदा होगा और पसमांदा वोटर पार्टी के साथ रहेगा16

बिहार चुनाव पर असर?

इस विवाद से बिहार की आगामी विधानसभा चुनावों में जेडीयू को मुस्लिम वोट बैंक पर बड़ा नुकसान हो सकता है। विपक्षी दल और मुस्लिम संगठन इस मुद्दे को लेकर जेडीयू पर हमला बोल रहे हैं। नीतीश कुमार की धर्मनिरपेक्ष छवि पर सवाल उठने से पार्टी को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है136

वक्फ संशोधन बिल पर जेडीयू का समर्थन बिहार की राजनीति में एक बड़ा मोड़ साबित हो रहा है। जहां एक ओर पार्टी नेतृत्व इसे सुधारात्मक कदम बता रहा है, वहीं दूसरी ओर मुस्लिम नेताओं और कार्यकर्ताओं का विरोध पार्टी के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। आगामी चुनावों में इसका प्रभाव देखने लायक होगा।