लखनऊ: फूड पॉइजनिंग से चार बच्चों की मौत, जांच के आदेश

Fri 28-Mar-2025,12:08 AM IST +05:30

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लखनऊ: फूड पॉइजनिंग से चार बच्चों की मौत, जांच के आदेश
  • लोकबंधु अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार दीक्षित ने बताया कि मंगलवार शाम को रिहैब सेंटर से लगभग 20 बच्चों को अस्पताल लाया गया था। 

  • ये सभी बच्चे मानसिक रूप से विकलांग थे और अस्पताल पहुंचने तक इनमें पानी की भारी कमी देखी गई।

  • यह रिहैब सेंटर पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर चलता है, जिसमें कुल 147 बच्चे रहते हैं। इनमें ज्यादातर अनाथ और मानसिक रूप से विकलांग बच्चे शामिल हैं।

Uttar Pradesh / Lucknow :

लखनऊ के पारा क्षेत्र में स्थित निर्वाण रिहैब सेंटर में बच्चों के लिए भोजन में कथित रूप से फूड पॉइजनिंग के कारण कई बच्चे गंभीर रूप से बीमार हो गए। 23 मार्च से 26 मार्च के बीच 20 से अधिक बच्चों को लोकबंधु अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसमें से चार की मौत हो चुकी है। कुछ बच्चों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें केजीएमयू (KGMU) रेफर किया गया है।

कैसे बिगड़ी बच्चों की हालत?
लोकबंधु अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार दीक्षित ने बताया कि मंगलवार शाम को रिहैब सेंटर से लगभग 20 बच्चों को अस्पताल लाया गया था। ये सभी बच्चे मानसिक रूप से विकलांग थे और अस्पताल पहुंचने तक इनमें पानी की भारी कमी देखी गई। उन्होंने बताया कि अस्पताल के डॉक्टरों ने सभी को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन चार बच्चों को नहीं बचाया जा सका। फिलहाल अन्य बच्चों की हालत में सुधार हो रहा है।

रिहैब सेंटर में किस तरह रहते थे बच्चे?
यह रिहैब सेंटर पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर चलता है, जिसमें कुल 147 बच्चे रहते हैं। इनमें ज्यादातर अनाथ और मानसिक रूप से विकलांग बच्चे शामिल हैं। मंगलवार सुबह यहां रहने वाले कुछ बच्चों को उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत हुई। जैसे-जैसे उनकी हालत बिगड़ती गई, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान दो बच्चों ने दम तोड़ दिया, जबकि दो अन्य की हालत बिगड़ने के कारण उनकी भी मौत हो गई। सभी मृत बच्चों की उम्र 12 से 17 साल के बीच थी।

फूड पॉइजनिंग की आशंका, जांच के आदेश
घटना के बाद लखनऊ की कमिश्नर IAS रोशन जैकब ने अस्पताल जाकर बीमार बच्चों से मुलाकात की। उन्होंने आशंका जताई कि दूषित पानी या खाने की वजह से बच्चों की तबीयत बिगड़ी। जिला प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के लिए एक विशेष समिति गठित कर दी है।

स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने अस्पताल का दौरा कर प्रभावित बच्चों से बातचीत की और उनके खान-पान की जानकारी ली। जांच के लिए रिहैब सेंटर से खाने के नमूने भी इकट्ठे किए गए हैं।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
मृत बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बच्चों की मौत फूड पॉइजनिंग के कारण हुई या इसके पीछे कोई और वजह थी। प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

इस दर्दनाक घटना ने रिहैब सेंटर की कार्यप्रणाली और वहां रह रहे बच्चों की देखभाल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन की जांच के बाद ही यह साफ होगा कि यह घटना लापरवाही का नतीजा थी या इसमें कोई और बड़ी चूक हुई थी।