बजट सत्र: बैंकिंग और आपदा प्रबंधन विधेयकों पर संसद में अहम चर्चा
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गृह मंत्री अमित शाह आज इमीग्रेशन एंड फॉरेनर्स बिल पेश किया। यह विधेयक पासपोर्ट, वीज़ा, पंजीकरण और विदेशियों के नियमन से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा, आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, 2024 पर राज्यसभा द्वारा प्रस्तावित संशोधनों पर लोकसभा में चर्चा की गई।
बैंकिंग कानून में किए गए इन बदलावों का उद्देश्य बैंकों की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और सुचारू बनाना है। नए प्रावधानों के तहत, बैंकों को अपनी जरूरतों के अनुसार ऑडिट फीस तय करने की अनुमति दी गई है।
संसद के बजट सत्र का दूसरा भाग 10 मार्च से शुरू हुआ था और यह 4 अप्रैल तक चलेगा। आज सत्र के दूसरे भाग का 12वां दिन है। लोकसभा की कार्यवाही प्रश्नकाल के साथ शुरू हुई। इसके बाद बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 पर राज्यसभा का संदेश भी पढ़ा गया। इस विधेयक के तहत बैंक खातों में चार नॉमिनी जोड़ने की अनुमति दी गई है।
गृह मंत्री अमित शाह आज इमीग्रेशन एंड फॉरेनर्स बिल पेश किया। यह विधेयक पासपोर्ट, वीज़ा, पंजीकरण और विदेशियों के नियमन से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा, आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, 2024 पर राज्यसभा द्वारा प्रस्तावित संशोधनों पर लोकसभा में चर्चा की गई।
इससे पहले, संसद के 11वें कार्यदिवस में बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 को मंजूरी दी गई थी। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि इस विधेयक के तहत बैंक खाताधारक अब चार नॉमिनी जोड़ सकते हैं। इससे पहले, दिसंबर 2024 में यह विधेयक लोकसभा में पारित हो चुका था।
बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 के तहत कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। महत्वपूर्ण हिस्सेदारी (सब्सटांशियल इंटरेस्ट) की परिभाषा को संशोधित किया गया है। पहले यह सीमा 5 लाख रुपये थी, जिसे अब बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये कर दिया गया है। कैश और फिक्स्ड डिपॉजिट में एक साथ नॉमिनेशन की अनुमति दी गई है। यह विधेयक पांच अलग-अलग कानूनों को प्रभावित करेगा। सहकारी बैंकों के निदेशकों के कार्यकाल को 8 साल से बढ़ाकर 10 साल कर दिया गया है। इसके अलावा, केंद्रीय सहकारी बैंक (सीसीबी) के निदेशक अब राज्य सहकारी बैंक (एससीबी) के बोर्ड में भी शामिल हो सकेंगे।
बैंकिंग कानून में किए गए इन बदलावों का उद्देश्य बैंकों की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और सुचारू बनाना है। नए प्रावधानों के तहत, बैंकों को अपनी जरूरतों के अनुसार ऑडिट फीस तय करने की अनुमति दी गई है। बैंकों की नियामकीय अनुपालन रिपोर्टिंग की तारीखें भी तय कर दी गई हैं, जो हर महीने की 15वीं और अंतिम तारीख होगी। इससे बैंकों की रिपोर्टिंग प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाया जा सकेगा।
आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, 2024 पर भी संसद में चर्चा की जाएगी। यह विधेयक आपदाओं के प्रबंधन को अधिक प्रभावी और तकनीक-सक्षम बनाने पर केंद्रित है। सरकार की मंशा मैन्युअल मॉनिटरिंग की बजाय एआई आधारित रियल-टाइम मॉनिटरिंग की ओर बढ़ने की है। गृह मंत्री अमित शाह के अनुसार, सरकार रेडियो आधारित चेतावनी प्रणाली की जगह सोशल मीडिया और मोबाइल एप्स के माध्यम से चेतावनी देने की दिशा में काम कर रही है।
संसद में लगातार कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए जा रहे हैं। हाल के दिनों में बैंकिंग और आपदा प्रबंधन से संबंधित विधेयकों को मंजूरी दी गई है। इन विधेयकों के लागू होने से बैंकिंग प्रणाली अधिक प्रभावी होगी और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा। संसद का बजट सत्र अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है, और आने वाले दिनों में और भी अहम विधेयकों पर चर्चा की संभावना है।