‘RSS से जीवन का सार और मूल्य सीखा’, पीएम मोदी

Mon 17-Mar-2025,02:07 PM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

‘RSS से जीवन का सार और मूल्य सीखा’, पीएम मोदी
  • अमेरिकी पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन के साथ अपने पहले इंटरनेशनल पॉडकास्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से अपने जुड़ाव पर चर्चा की। 

  • पीएम मोदी ने बताया कि संघ के प्रयासों से ‘विद्या भारती’ नामक संगठन की शुरुआत हुई, जो 70,000 स्कूलों का संचालन करता है और लाखों छात्रों को शिक्षित करता है।

  • अपने देश के प्रति समर्पण पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा, "मोदी की ताकत 140 करोड़ भारतीय और हजारों साल की महान संस्कृति है।" 

  • इस साल RSS अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे कर रहा है, और पीएम मोदी ने इसे दुनिया का सबसे बड़ा स्वयंसेवक संगठन बताया।

Delhi / New Delhi :

अमेरिकी पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन ने साल की शुरुआत में पीएम नरेंद्र मोदी के साथ पॉडकास्ट करने की इच्छा जताई थी। 19 जनवरी को उन्होंने ट्वीट कर अपनी उत्सुकता जाहिर की थी। आज यह पॉडकास्ट लाइव हो गया है, जो पीएम मोदी का पहला इंटरनेशनल पॉडकास्ट है। इस बातचीत में पीएम मोदी ने विभिन्न विषयों पर फ्रिडमैन के सवालों के जवाब दिए। उन्होंने भारतीय संस्कृति, राष्ट्रवाद और वैश्विक शांति पर अपने विचार साझा किए। इस पॉडकास्ट को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है, जिससे यह इंटरव्यू चर्चा का विषय बन गया है।

अमेरिकी पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन के साथ अपने पहले इंटरनेशनल पॉडकास्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से अपने जुड़ाव पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि उन्होंने संघ से जीवन के मूल्यों और राष्ट्र सेवा का महत्व सीखा।

पीएम मोदी ने कहा कि RSS को समझना आसान नहीं है, यह अपने सदस्यों को जीवन का उद्देश्य देता है और राष्ट्र को सर्वोपरि मानने की शिक्षा देता है। उन्होंने बताया कि संघ के प्रयासों से ‘विद्या भारती’ नामक संगठन की शुरुआत हुई, जो 70,000 स्कूलों का संचालन करता है और लाखों छात्रों को शिक्षित करता है।

अपने देश के प्रति समर्पण पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा, "मोदी की ताकत 140 करोड़ भारतीय और हजारों साल की महान संस्कृति है।" उन्होंने कहा कि जब भी वे किसी वैश्विक नेता से मिलते हैं, तो यह केवल मोदी का हाथ नहीं होता, बल्कि पूरे भारत का प्रतिनिधित्व होता है।

संघर्ष और शांति के विषय पर पीएम मोदी ने कहा कि भारत बुद्ध और गांधी की धरती है, जो समन्वय का पक्षधर है। उन्होंने दुनिया में शांति स्थापित करने में भारत की भूमिका पर जोर दिया।

उन्होंने वामपंथी मजदूर आंदोलनों की तुलना RSS के मजदूर संगठनों से करते हुए कहा कि जहां दुनिया में वामपंथी आंदोलन ‘दुनिया के मजदूरों, एक हो!’ का नारा देते हैं, वहीं RSS ‘मजदूरों, दुनिया के एक हो!’ का संदेश देता है।

इस साल RSS अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे कर रहा है, और पीएम मोदी ने इसे दुनिया का सबसे बड़ा स्वयंसेवक संगठन बताया।