Nagpur Voilence: CM Eknath Shinde Big Statement on Aurangzeb Supporters
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घटना के दौरान उपद्रवियों ने पेट्रोल बम फेंके, कई घरों और वाहनों को आग के हवाले कर दिया।
पुलिस पर हमला कर कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश की गई। पुलिस ने अब तक 15 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 50 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है।
महाल क्षेत्र में हिंसा के दौरान करीब 1,000 लोगों की भीड़ ने पथराव, आगजनी और तोड़फोड़ की। पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों पर भी हमला किया गया।
Nagpur/ महाराष्ट्र के नागपुर में भड़की हिंसा को लेकर डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए इस घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। शिंदे ने कहा कि हिंसा फैलाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस हिंसा में डीसीपी स्तर के चार अधिकारी समेत नौ पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। उन्होंने जनता से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में औरंगजेब के समर्थन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
घटना के दौरान उपद्रवियों ने पेट्रोल बम फेंके, कई घरों और वाहनों को आग के हवाले कर दिया। पुलिस पर हमला कर कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश की गई। पुलिस ने अब तक 15 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 50 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है। हिंसा के बाद शहर में भारी पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की तैनाती की गई है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और लोगों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की सलाह दी गई है।
कैसे भड़की नागपुर में हिंसा?
बताया जा रहा है कि नागपुर में यह हिंसा एक अफवाह के चलते भड़की। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के खुलताबाद में औरंगजेब की कब्र को हटाए जाने के विवाद ने नागपुर तक पहुंचकर बड़ा रूप ले लिया। बीते सोमवार को एक संगठन द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान कुछ अफवाहें फैलीं, जिससे तनाव बढ़ गया। देखते ही देखते दो गुट आमने-सामने आ गए और पथराव शुरू हो गया। उपद्रवियों ने सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों में तोड़फोड़ कर उन्हें आग के हवाले कर दिया।
महाल क्षेत्र में हिंसा के दौरान करीब 1,000 लोगों की भीड़ ने पथराव, आगजनी और तोड़फोड़ की। पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों पर भी हमला किया गया। हिंसा में नागपुर के डीसीपी निकेतन कदम समेत छह आम नागरिक और तीन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पुलिस द्वारा सख्त कार्रवाई करते हुए 15 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है और कई संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।
नागपुर हिंसा: राजनीतिक विवाद गहराया
इस हिंसा को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। नागपुर सेंट्रल के विधायक प्रवीण डटके ने इसे एक सुनियोजित साजिश करार दिया और आरोप लगाया कि उपद्रवियों ने चुन-चुनकर हिंदुओं की दुकानों और घरों को निशाना बनाया, जबकि मुस्लिमों की दुकानों को छोड़ दिया गया। वहीं, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र में औरंगजेब के समर्थकों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस हिंसा के बाद नागपुर समेत पूरे महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था को लेकर कड़े सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, पुलिस और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।