मायावती का बड़ा फैसला: आकाश आनंद को सभी पदों से हटाया, आनंद कुमार बने नेशनल कोऑर्डिनेटर
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बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने रविवार को अपने भतीजे आकाश आनंद को सभी पदों से हटा दिया, जबकि अपने भाई आनंद कुमार को नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाया।
बैठक में मायावती ने बताया कि आनंद कुमार दिल्ली में रहकर पार्टी का कार्य देखेंगे, जबकि रामजी गौतम हर राज्य में जाकर संगठन की प्रगति पर नजर रखेंगे।
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने रविवार को पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में बड़ा फैसला लिया। उन्होंने अपने भतीजे आकाश आनंद को सभी पदों से हटा दिया, जबकि अपने भाई आनंद कुमार को नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाया। इसके अलावा, राज्यसभा सांसद रामजी गौतम को भी नेशनल कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी दी गई।
आकाश आनंद और उनके ससुर पर मायावती का सख्त रुख
मायावती ने पहले ही आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि अशोक सिद्धार्थ ने आकाश आनंद का राजनीतिक करियर बर्बाद किया और पार्टी को दो गुटों में बांटने की कोशिश की। मायावती ने यह भी कहा कि आकाश आनंद पर उनकी पत्नी का प्रभाव था, जो पार्टी के हित में नहीं था। इसी के साथ, उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि उनके जीते जी बसपा का कोई उत्तराधिकारी नहीं होगा।
आकाश आनंद के उत्तराधिकारी बनने और हटने का सिलसिला
10 दिसंबर 2023: मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी का उत्तराधिकारी घोषित किया।
07 मई 2024: मायावती ने उन्हें अपरिपक्व बताते हुए पद से हटा दिया।
23 जून 2024: आकाश आनंद को फिर से उत्तराधिकारी और राष्ट्रीय समन्वयक बनाया गया।
03 मार्च 2025: मायावती ने आकाश आनंद को सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया।
नए बदलाव: आनंद कुमार और रामजी गौतम को मिली जिम्मेदारी
बैठक में मायावती ने बताया कि आनंद कुमार दिल्ली में रहकर पार्टी का कार्य देखेंगे, जबकि रामजी गौतम हर राज्य में जाकर संगठन की प्रगति पर नजर रखेंगे। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि अब उनके परिवार से कोई भी राजनीति में उत्तराधिकारी नहीं होगा और वह जीवनभर पार्टी को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगी।
बसपा के भीतर परिवारवाद खत्म करने का ऐलान
मायावती ने स्पष्ट किया कि अब उनके परिवार में राजनीतिक परिवारों से विवाह संबंध नहीं जोड़े जाएंगे, ताकि भविष्य में पार्टी को किसी भी तरह का नुकसान न हो। साथ ही, उन्होंने 15 मार्च को बसपा संस्थापक कांशीराम की जयंती को पूरे उत्साह से मनाने के निर्देश दिए।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा,
"बहनजी बार-बार फैसले बदल रही हैं। आकाश आनंद को राष्ट्रीय समन्वयक बनाकर हटाया, फिर वापस लाया और अब फिर हटा दिया। इससे नेतृत्व पर सवाल उठते हैं कि वे नई पीढ़ी को आगे क्यों नहीं बढ़ा रहीं?"
वहीं, भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने इसे बसपा का आंतरिक मामला बताते हुए कहा,
"मायावती परिपक्व नेता हैं और पार्टी के हित-अहित को भली-भांति समझती हैं। जो भी फैसला लिया गया, वह पार्टी के हित में ही होगा।"
मायावती के इस फैसले से यह स्पष्ट हो गया कि बसपा अब पूरी तरह से परिवारवाद से मुक्त होने की दिशा में आगे बढ़ रही है। हालांकि, पार्टी में नेतृत्व को लेकर सवाल उठने लगे हैं कि नई पीढ़ी को आगे क्यों नहीं बढ़ाया जा रहा। अब देखना होगा कि आकाश आनंद की भविष्य की भूमिका क्या होगी और बसपा आगे किस रणनीति के साथ काम करेगी।