USAID विवाद पर कांग्रेस-भाजपा में घमासान, वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट से गरमाई सियासत
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वित्त मंत्रालय की 2023-24 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी एजेंसी यूएसएड ने भारत में 75 करोड़ अमेरिकी डॉलर की सात परियोजनाओं की फंडिंग की है।
भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कांग्रेस पर जवाबी हमला करते हुए दावा किया कि कांग्रेस जानबूझकर ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस के असम प्रभारी जितेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि सरमा ने अपने परिवार और करीबियों के जरिए असम में बड़ा व्यापारिक साम्राज्य खड़ा कर लिया है। उन्होंने कहा, "असम में चाय बागानों के मालिकों को धमकाया जा रहा है, और मुख्यमंत्री के करीबी लोग बागान खरीद रहे हैं।
नई दिल्ली: अमेरिका की एजेंसी यूएसएड (USAID) की फंडिंग को लेकर भारतीय राजनीति में घमासान मचा हुआ है। वित्त मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट में खुलासे के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच तीखी बयानबाजी हो रही है। कांग्रेस ने इस मुद्दे को उठाते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कार्रवाई की मांग की है।
वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट से मचा बवाल
वित्त मंत्रालय की 2023-24 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी एजेंसी यूएसएड ने भारत में 75 करोड़ अमेरिकी डॉलर की सात परियोजनाओं की फंडिंग की है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर इस रिपोर्ट का हवाला देते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट से प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार के झूठ का पर्दाफाश हो गया है।
रमेश ने लिखा, "यूएसएड की सभी परियोजनाएं केंद्र सरकार के सहयोग से चल रही हैं। इनमें से किसी का भी भारत के चुनावी प्रक्रिया से कोई लेना-देना नहीं है।" उन्होंने भाजपा पर झूठ फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार खुद अमेरिकी एजेंसी के साथ काम कर रही है, फिर भी विपक्ष पर विदेशी फंडिंग का आरोप लगा रही है।
भाजपा का कांग्रेस पर पलटवार
भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कांग्रेस पर जवाबी हमला करते हुए दावा किया कि कांग्रेस जानबूझकर ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत की चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए जॉर्ज सोरोस और उससे जुड़े एनजीओ अमेरिका से फंडिंग ले रहे हैं, और कांग्रेस इसी मुद्दे को दबाने में लगी है।
मालवीय ने कहा कि यूएसएड की फंडिंग से जुड़ी परियोजनाएं पूरी तरह पारदर्शी और सरकार-से-सरकार के बीच भागीदारी वाली हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इन परियोजनाओं की शुरुआत 2010-11 में कांग्रेस सरकार के समय हुई थी, जिसका जिक्र वित्त मंत्रालय की 2014-15 की रिपोर्ट में भी किया गया है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा पर कांग्रेस का हमला
कांग्रेस ने इस बहस को असम तक खींचते हुए राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस के असम प्रभारी जितेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि सरमा ने अपने परिवार और करीबियों के जरिए असम में बड़ा व्यापारिक साम्राज्य खड़ा कर लिया है।
उन्होंने कहा, "असम में चाय बागानों के मालिकों को धमकाया जा रहा है, और मुख्यमंत्री के करीबी लोग बागान खरीद रहे हैं। इससे चाय उद्योग प्रभावित हो रहा है।" जितेंद्र सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि हिमंत बिस्व सरमा की पत्नी 'एलिफेंट कॉरिडोर' में एक रिजॉर्ट चला रही हैं, जिसका संचालन अवैध रूप से किया जा रहा है।
कांग्रेस ने सवाल किया कि क्या प्रधानमंत्री मोदी इस पर कोई कार्रवाई करेंगे? जितेंद्र सिंह ने कटाक्ष करते हुए कहा, "आखिर हिमंत बिस्व सरमा इतने बड़े बिजनेस टायकून कैसे बन गए? क्या प्रधानमंत्री मोदी की एजेंसियां इस मामले की जांच कर रही हैं?"
राजनीतिक माहौल गरमाया
यूएसएड विवाद और असम में कथित भ्रष्टाचार को लेकर कांग्रेस और भाजपा में जुबानी जंग तेज हो गई है। इस पूरे मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।