चमोली में हिमस्खलन: चार मजदूर अब भी लापता, बचाव अभियान जारी
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लेफ्टिनेंट कर्नल मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि सेना के सर्च ऑपरेशन के दौरान दो और श्रमिकों के शव बरामद किए गए हैं।
अब तक कुल 50 मजदूरों को बचाया गया है, जबकि चार लोगों की मौत हो चुकी है और चार अन्य की तलाश जारी है।
एम्स ऋषिकेश के पीआरओ संदीप सिंह के अनुसार, अशोक कुमार को रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई है और उनकी सर्जरी संभवतः आज की जाएगी।
Chamoli/ भारत-चीन सीमा पर स्थित उत्तराखंड के सीमांत जिले चमोली के माणा क्षेत्र में शुक्रवार को आए भीषण हिमस्खलन में अभी भी चार मजदूर लापता हैं। बचाव अभियान का आज तीसरा दिन है, और सेना, वायु सेना तथा नागरिक एजेंसियां बचाव कार्य में लगी हुई हैं।
पीआरओ डिफेंस, लेफ्टिनेंट कर्नल मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि सेना के सर्च ऑपरेशन के दौरान दो और श्रमिकों के शव बरामद किए गए हैं। अब तक कुल 50 मजदूरों को बचाया गया है, जबकि चार लोगों की मौत हो चुकी है और चार अन्य की तलाश जारी है। उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा कि मौसम अनुकूल बना हुआ है और हमें उम्मीद है कि लापता मजदूरों को जल्द ढूंढ लिया जाएगा।
एम्स ऋषिकेश के पीआरओ संदीप सिंह के अनुसार, अशोक कुमार को रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई है और उनकी सर्जरी संभवतः आज की जाएगी। उनके पैर फिलहाल काम नहीं कर रहे हैं। पवन कुमार को भी आज एयरलिफ्ट किया जाना है।
जीवित बचे विजय पांडे ने बताया, "हम कंटेनर में थे जब हिमस्खलन हुआ और वह कंटेनर को बहा ले गया। हममें से 9 लोग उसमें थे, जिनमें से 4 यहां भर्ती हैं।" मनोज भंडारी ने कहा कि यह इतना अचानक हुआ कि कुछ समझ ही नहीं आया।
अब सर्च ऑपरेशन में ड्रोन आधारित इंटेलिजेंट ब्यूरिड ऑब्जेक्ट डिटेक्शन सिस्टम का उपयोग किया जाएगा। तिरंगा माउंटेन रेस्क्यू टीम के कर्मी और हिमस्खलन बचाव डॉग 'रॉबिन' भी तैनात हैं।
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने आज सुबह फिर आपदा परिचालन केंद्र पहुंचकर अधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्य की जानकारी ली।