पुणे में दर्दनाक हादसा: मिनीबस में आग लगने से चार लोगों की मौत, पांच घायल
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बुधवार सुबह एक निजी कंपनी के कर्मचारियों को ले जा रही एक मिनीबस में अचानक आग लग गई, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई।
घटना सुबह करीब 7:30 बजे उस समय हुई जब "व्योम ग्राफिक्स" कंपनी के 12 कर्मचारी वारजे से हिंजवड़ी जा रहे थे।
ड्राइवर ने खतरे को भांपते हुए बस की गति धीमी कर दी, जिससे चार कर्मचारी समय रहते वाहन से कूदकर अपनी जान बचाने में सफल रहे।
हिंजवड़ी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक कन्हैया थोरात ने बताया कि मिनीबस में मौजूद कर्मचारियों की मौत का सबसे बड़ा कारण आपातकालीन निकास द्वार का नहीं खुलना था।
पुणे/ पुणे के पास बुधवार सुबह एक निजी कंपनी के कर्मचारियों को ले जा रही एक मिनीबस में अचानक आग लग गई, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई और पांच अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। यह हादसा पिंपरी चिंचवड़ के हिंजवड़ी इलाके में हुआ, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस जांच में पता चला है कि मिनीबस के आपातकालीन निकास द्वार के नहीं खुलने के कारण कई लोग बाहर नहीं निकल सके, जिससे मौतों की संख्या बढ़ गई।
कैसे हुआ हादसा?
हिंजवड़ी पुलिस के मुताबिक, यह घटना सुबह करीब 7:30 बजे उस समय हुई जब "व्योम ग्राफिक्स" कंपनी के 12 कर्मचारी वारजे से हिंजवड़ी जा रहे थे। जैसे ही मिनीबस हिंजवड़ी स्थित "डसॉल्ट सिस्टम्स" कंपनी के पास पहुंची, वाहन के ब्रेक के पास अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग पूरे वाहन में फैल गई, जिससे अंदर बैठे कर्मचारी फंस गए।
ड्राइवर ने खतरे को भांपते हुए बस की गति धीमी कर दी, जिससे चार कर्मचारी समय रहते वाहन से कूदकर अपनी जान बचाने में सफल रहे। लेकिन पीछे बैठे कर्मचारियों ने जब आपातकालीन निकास द्वार से बाहर निकलने की कोशिश की, तो वह खुला ही नहीं। इस वजह से चार लोग आग में बुरी तरह फंस गए और उनकी जलकर मौत हो गई।
आपातकालीन निकास ने ली चार लोगों की जान
हिंजवड़ी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक कन्हैया थोरात ने बताया कि मिनीबस में मौजूद कर्मचारियों की मौत का सबसे बड़ा कारण आपातकालीन निकास द्वार का नहीं खुलना था। अगर यह दरवाजा सही तरीके से काम करता, तो शायद इन लोगों की जान बच सकती थी।
इस हादसे के बाद मौके पर दमकल विभाग और पुलिस की टीमें पहुंचीं, जिन्होंने जलकर खाक हुए शवों को बाहर निकाला और झुलसे हुए पांच अन्य घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। हिंजवड़ी के पुलिस उपायुक्त विशाल गायकवाड़ ने पुष्टि की कि सभी घायलों का इलाज जारी है।
आग कैसे लगी? जांच जारी
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आग की शुरुआत ब्रेकिंग सिस्टम के पास किसी तकनीकी खराबी के कारण हुई। लेकिन असली कारण का पता लगाने के लिए पुलिस और फायर डिपार्टमेंट की टीम मिनीबस के तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है।
कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर निजी कंपनियों द्वारा कर्मचारियों के लिए चलाई जाने वाली परिवहन सेवाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई बार सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता, जिससे इस तरह के हादसे होते हैं। पुलिस इस मामले में वाहन मालिक और ट्रांसपोर्ट कंपनी से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
पुलिस प्रशासन ने सभी निजी कंपनियों से अनुरोध किया है कि वे अपने कर्मचारी वाहनों की नियमित जांच करें और सुनिश्चित करें कि आपातकालीन सुविधाएं ठीक से काम कर रही हैं।